Bureau Report /Rajiv Tripathi /Siswa Kothibar News 18 Plus /Co-Editor
भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में चला अभियान, जेसीबी से हटाई गई बाउंड्रीवाल, पूरे दिन छावनी में तब्दील रहा इलाका।
महराजगंज के सिसवा बाजार स्थित गांधी नगर वार्ड में मंगलवार को वर्षों से विवादों में घिरी श्रीकृष्ण गौशाला की भूमि पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। सुबह से ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। भारी पुलिस बल, पीएसी और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में पहले भूमि का सीमांकन किया गया, फिर जेसीबी की मदद से विवादित हिस्से में बनी बाउंड्रीवाल हटाकर राजस्व अभिलेखों के अनुसार पिलर स्थापित कर दिए गए।
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, तहसीलदार अमित कुमार सिंह और सीओ रविंद्र कुमार सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे। लेखपाल और कानूनगो की टीम ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश पूरी की, जिसके बाद सीमांकन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। अधिकारियों ने पूरे अभियान की लगातार निगरानी की ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और कानून के अनुरूप हो।
बताया जाता है कि गौशाला और कब्रिस्तान की भूमि को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। वर्ष 2023 में मामला न्यायालय पहुंचने के बाद श्रीकृष्ण गौशाला समिति ने एसडीएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमि का सीमांकन और कब्जा दिलाने की मांग की थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने मंगलवार को आदेश का अनुपालन करते हुए मौके पर कार्रवाई की।
भूमि विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कोठीभार, निचलौल, घुघली सहित करीब आठ थानों की पुलिस फोर्स, डेढ़ सेक्शन पीएसी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कार्रवाई स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अभियान के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की सूचना नहीं मिली।
कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश एवं राजस्व अभिलेखों के अनुरूप की गई है और भविष्य में भी भूमि संबंधी सभी मामलों में विधिक प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाएगा।