*शर्मनाक!आरोपी के घर खाकी मना रही ‘पार्टी’: जिंदा जलाने की कोशिश का शिकार पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटका, ठूठीबारी पुलिस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप।*

Bureau Report /Dilip Kumar Pandey Thuthibari /Correspondent /News 18 Plus 

 

सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश की धज्जियां उड़ाकर एक बेबस विधवा की जमीन पर कब्जा करने की नीयत; चार्जशीट लगाने की जिम्मेदारी पाए जांच अधिकारी ही मुजरिम के घर उड़ा रहे हैं मौज।

 

ठूठीबारी (महराजगंज) उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया भले ही सूबे में पारदर्शी और निष्पक्ष कानून व्यवस्था का दावा करते न थकते हों, लेकिन महराजगंज जिले के थाना ठूठीबारी क्षेत्र से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पुलिस की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है। एक तरफ जहां एक पीड़ित परिवार को जिंदा जलाकर मार डालने की खौफनाक साजिश रची गई, वहीं दूसरी तरफ मामले की निष्पक्ष जांच और चार्जशीट दाखिल करने की जिम्मेदारी संभाल रही ठूठीबारी पुलिस ही मुख्य आरोपियों के घर जाकर ‘पार्टी’ और दावतों का लुत्फ उठा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस पुलिस प्रशासन के नुमाइंदे खुद अपराधियों के मेहमान बने हुए हों, वे निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे?

पूरा मामला ठूठीबारी थाना अंतर्गत तहसील निचलौल का है, जहां की स्थायी निवासी प्रार्थीनी मीना देवी (पत्नी स्व० बैजनाथ अग्रहरी) ने पुलिस उपाधीक्षक (क्षेत्र निचलौल, महाराजगंज) को लिखित आवेदन पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मीना देवी का आरोप है कि उनके घर के बगल में अजय जायसवाल (पुत्र लक्खी चन्द्र जायसवाल) नामक व्यक्ति ने दूसरी आराजी में जमीन खरीदी है। उक्त अजय जायसवाल बेहद मनबढ़ और गोलबन्द किस्म का व्यक्ति है, जो काफी समय से पीड़िता की कीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की फिराक में है।

न्यायालय के आदेश को भी ठेंगा:

पीड़िता मीना देवी के पास अपनी जमीन के बावत माननीय सिविल कोर्ट से बकायदा स्थगन आदेश (Stay Order) प्राप्त है। इसके बावजूद दबंग आरोपी न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अवमानना कर रहा है और पूरे परिवार को जान से मारने की लगातार धमकियां दे रहा है।

शिकायती पत्र के अनुसार, बीते 13 नवंबर 2025 की रात करीब 12:30 बजे दबंगई और हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोपी अजय जायसवाल, राधेश्याम तिवारी (पुत्र नारद मुनी), शक्ति जायसवाल व चन्द्रभान (पुत्रगण लक्खी चन्द्र), तेजप्रताप सिंह (पुत्र शिवपूजन सिंह) तथा 7-8 अन्य अज्ञात हमलावरों ने मिलकर पीड़िता के घर पर हमला बोल दिया। इन लोगों ने घर में जमकर तोड़फोड़ की, खिड़की-दरवाजे तोड़ दिए और भद्दी-भद्दी गालियां दीं। इतने से भी जब मन नहीं भरा, तो पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मारने की नीयत से आरोपियों ने बाहर से लगे शटर में ताला जड़ दिया और घर में आग लगा दी।

इस दिल dela देने वाली वारदात के बाद जब मामले की जांच ठूठीबारी पुलिस को सौंपी गई, तो उम्मीद थी कि दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। परंतु, जांच के नाम पर जो खेल चल रहा है उसने पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी है। स्थानीय सूत्रों और गंभीर आरोपों के मुताबिक, जिन पुलिसकर्मियों को मामले की गहन तफ्तीश कर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल करनी थी, वे ही मुजरिमों के घर जाकर मौज-मस्ती और पार्टियां कर रहे हैं। पुलिस की इस घोर संवेदनहीनता और अपराधियों संग कथित साठगांठ ने ठूठीबारी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए पूछा है कि जब रक्षक ही भक्षकों के साथ जश्न मनाएंगे, तो उन्हें न्याय कहां मिलेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *