*ठूठीबारी के कारख़ास पर कार्रवाई कब? दो-दो जांच के बाद भी नतीजा नहीं, सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था?*

Bureau Report /Anubhav Patel/Thuthibari /News 18 Plus /Co-Editor.

सीमा क्षेत्र में कारख़ास की भूमिका पर लगातार उठ रहे सवाल, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से बढ़ रहा असंतोष; अब नवागत एसपी से निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद।

 

नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी थाना क्षेत्र में तैनात कारख़ास की भूमिका को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र में लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से कारख़ास का नाम बार-बार विवादों और शिकायतों के केंद्र में आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुरूप हो रहे हैं तो लंबे समय से उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब अब तक सामने क्यों नहीं आया?

 

जानकारों का कहना है कि थाना संचालन की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है, लेकिन क्षेत्र में यह धारणा बनती जा रही है कि कई महत्वपूर्ण मामलों में कारख़ास की सक्रियता सामान्य से अधिक दिखाई देती है। यही कारण है कि पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। साथ ही यह आरोप भी लगाए जाते रहे हैं कि प्रस्तावित कार्रवाई की सूचना पहले ही संबंधित लोगों तक पहुंच जाती है। इन आरोपों की सत्यता सक्षम जांच का विषय है, लेकिन लगातार उठ रही ऐसी चर्चाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

 

सबसे अहम बात यह है कि पूरे मामले की जांच दो बार क्षेत्राधिकारी स्तर पर कराई जा चुकी है, लेकिन आज तक उसका कोई स्पष्ट निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया। यही वजह है कि लोगों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं जन्म ले रही हैं। यदि जांच में कारख़ास की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई तो रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरे विवाद पर विराम लगाया जाना चाहिए। वहीं यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आया है तो संबंधित के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

लगातार उठते सवालों के बीच अब जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि पुलिस की साख तभी मजबूत होगी, जब जांच के निष्कर्ष सामने आएंगे और दोषी पाए जाने पर किसी भी स्तर पर कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा।

यह समाचार क्षेत्र में उठ रहे आरोपों, जनचर्चाओं और सार्वजनिक सवालों पर आधारित है।

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