*सीमावर्ती गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, वाइब्रेंट विलेज योजना के लिए डीएम ने दिए अहम निर्देश।*

Bureau Report/ News 18 Plus /Maharajganj 

महराजगंज, 11 जुलाई 2026। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शुक्रवार देर शाम कैंप कार्यालय में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों के कंसल्टिंग इंजीनियर्स के साथ बैठक कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक अवसंरचना का विकास तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार करना है। इसलिए तैयार किए जाने वाले सभी प्रस्ताव व्यापक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण हों तथा किसी भी आवश्यक कार्य की उपेक्षा न हो।

 

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की वास्तविक आवश्यकताओं का गहन सर्वेक्षण कर ही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाए। जहां स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, उत्सव भवन, अन्नपूर्णा भवन, पुस्तकालय, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्किंग शेड, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान अथवा अन्य आवश्यक सामुदायिक परिसंपत्तियों का अभाव है या उनकी मरम्मत की आवश्यकता है, उन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर डीपीआर में शामिल किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि गांवों में बनने वाली प्रत्येक परिसंपत्ति तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक संपर्क मार्गों के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं। साथ ही वाइब्रेंट गांवों में आकर्षक एवं सुव्यवस्थित प्रवेश और निकास द्वार विकसित किए जाएं, जो गांवों की पहचान और विशिष्टता को दर्शाएं।

 

ग्रामीण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी सार्वजनिक भवनों तथा गांवों के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी सूचना प्रसारित की जा सकेगी।

 

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव तैयार करते समय भूमि की उपलब्धता और उपयुक्तता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देशित किया कि तैयार प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, जिससे स्वीकृति और क्रियान्वयन की प्रक्रिया में विलंब न हो।

 

बैठक में बताया गया कि चयनित सीमावर्ती गांवों को लद्दाख के चुमुर गांव की तर्ज पर विकसित करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित कार्ययोजना तैयार करेंगे।

बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी निरंकार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के कंसल्टिंग इंजीनियर्स उपस्थित रहे।

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