Bureau Report /Rakesh Tripathi Thuthibari /News 18 Plus/ Chief Editor
वायरल वीडियो ने फिर खड़े किए ठूठीबारी पुलिस पर सवाल!
महराजगंज। ठूठीबारी कस्बे से जुड़ा एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वायरल वीडियो में कथित रूप से पुलिस की प्रताड़ना और मानसिक दबाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो में संबंधित व्यक्ति अपनी स्थिति को लेकर बेहद परेशान नजर आ रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि करीब डेढ़ माह पहले भी ठूठीबारी थानाध्यक्ष पर प्रताड़ना के आरोपों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय भी मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, महराजगंज में ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई थी। अब दोबारा सामने आए वीडियो ने पुराने मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
डेढ़ माह बाद फिर वही सवाल—जांच का क्या हुआ?
व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश रौनियार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर मानसिक दबाव अथवा उत्पीड़न के आरोप लगाए जा रहे हैं तो इसकी भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पहले भी आरोपों को लेकर ज्ञापन दिया जा चुका था तो उस मामले में जांच का निष्कर्ष क्या रहा? यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं हुई? और यदि जांच लंबित है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बावजूद तैनाती पर भी उठे सवाल
ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित सिंह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया के बावजूद वह अब भी पद पर बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किस आधार पर उन्हें यहां बनाए रखा गया है और जिम्मेदार स्तर से इस पूरे मामले पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
वायरल सामग्री में कथित तौर पर थानाध्यक्ष द्वारा अपनी ऊंची पहुंच और पुलिस अधीक्षक से करीबी संबंध होने का दावा किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, इस कथित बयान की प्रामाणिकता और वीडियो की वास्तविकता की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकती है।
“किसके सहारे?”—जांच की मांग ने बढ़ाई बेचैनी
लगातार सामने आ रहे आरोपों के बीच अब सवाल सिर्फ एक वायरल वीडियो का नहीं रह गया है। सवाल यह है कि क्या पुलिस विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या पुराने ज्ञापन पर हुई कार्रवाई का सच सामने आएगा? और यदि आरोप निराधार हैं तो इसकी भी आधिकारिक पुष्टि कब होगी?
मामले में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि जांच ऐसी हो जिस पर शिकायतकर्ता और पुलिस—दोनों पक्षों का भरोसा कायम हो। आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी तय हो और आरोप गलत हैं तो उसकी भी स्थिति साफ हो।
कार्रवाई कब? यही पूछ रहा ठूठीबारी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर ठूठीबारी पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। गंभीर आरोपों के बीच अब निगाहें पुलिस और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
क्या पुराने आरोपों की फाइल फिर खुलेगी?
क्या वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच होगी?
क्या थानाध्यक्ष के स्थानांतरण और तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी?
और सबसे अहम—अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई कब होगी?
इन सवालों का जवाब अब महराजगंज पुलिस और प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा।