Bureau Report /News 18 Plus /Kothibar Siswa Bazaar
महराजगंज। सिसवा रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो को वर्तमान घटना से जोड़कर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, कोठीभार पुलिस ने वायरल वीडियो को करीब छह माह पुराना बताते हुए इसे पूरी तरह तथ्यहीन करार दिया है।
कोठीभार थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो वर्तमान घटना से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि वीडियो लगभग छह माह पुराना है और इसमें प्रस्तुत किए जा रहे दावे वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो को वर्तमान समय की घटना के रूप में प्रसारित कर पुलिस की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कोठीभार पुलिस को बदनाम करने की साजिश के तहत पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी पुराने वीडियो या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
भ्रामक खबर दोबारा प्रकाशित करने पर कार्रवाई की चेतावनी
थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने कहा कि यदि इस मामले में दोबारा भ्रामक अथवा तथ्यहीन खबर प्रकाशित की जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की वास्तविकता जाने बिना पुराने वीडियो को वर्तमान घटना से जोड़ना उचित नहीं है।
पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के संबंध में वास्तविक तथ्यों को जाने बिना सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद वीडियो को लेकर लगाए जा रहे वर्तमान घटना से संबंधित दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने वीडियो को छह माह पुराना बताते हुए वर्तमान घटना से उसका संबंध खारिज किया है। ऐसे में वीडियो की वास्तविक तारीख, संदर्भ और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों की पुष्टि आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।