Bureau Report /News 18 Plus /Sindooriya
मारपीट की शिकायत लेकर पहुंची महिला का आरोप—कार्रवाई के बजाय घर में घुसकर परिजनों से मारपीट कर थाने ले गई पुलिस, निष्पक्ष जांच की मांग।
महराजगंज। सिंदुरिया थाना क्षेत्र के मिठौरा निवासी गुंजा देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना-पत्र में मारपीट, गाली-गलौज, मंगलसूत्र छीनने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक 26 सितंबर की शाम करीब सात बजे पूर्व विवाद को लेकर गुड्डू, चंदन, संदीप और पप्पू समेत कुछ लोग उसकी फल की दुकान पर पहुंचे और डंडे, रॉड व अन्य सामान से मारपीट की। घटना में गुंजा देवी, उनकी बेटी नेहा और बंसी समेत अन्य लोगों के सिर में चोट लगने का आरोप है।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग की तो उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली। गुंजा देवी के मुताबिक, पुलिसकर्मी कथित रूप से उसके घर पहुंचे और परिवार के लोगों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें थाने ले आए। इन आरोपों ने सिंदुरिया पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में थाना प्रभारी अनूप तिवारी की भूमिका को लेकर भी पीड़िता ने सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, स्थानीय स्तर पर थाना प्रभारी की कार्यशैली और पूर्व में सामने आए विवादों को लेकर भी चर्चाएं होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
पीड़िता ने पूरे मामले की जांच कर मारपीट करने के आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा पुलिस पर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल—पुलिस पर लगे आरोपों की जांच कौन करेगा?
घटना को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि जब पीड़ित परिवार पुलिस पर ही मारपीट और जबरन थाने ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, तो इन आरोपों की निष्पक्ष जांच किस अधिकारी या एजेंसी से कराई जाएगी? पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा और पुलिस की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति क्या थी—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।