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फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार वाहन, पराली जलाने पर जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई के प्रति भी किया जाएगा जागरूक।
महराजगंज, 29 अक्टूबर। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत संचालित यह वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और उसके वैज्ञानिक निस्तारण के उपायों की जानकारी देगा।
प्रचार वाहन को रवाना करते हुए जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेषों को किसी भी परिस्थिति में न जलाएं, बल्कि आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उनका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसके अलावा मिट्टी की उर्वरता कम होती है और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। इससे कृषि उत्पादन और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
वैज्ञानिक प्रबंधन से सुरक्षित रहेगी खेतों की उर्वरता
जिलाधिकारी ने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। किसान कृषि विभाग की योजनाओं, अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ उठाकर पराली का समुचित निस्तारण कर सकते हैं। इससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और खेतों की उर्वरता भी बनी रहेगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने के मामलों में जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय रहते जागरूक कर ऐसी स्थिति से बचाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में किसानों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों से पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने, पराली न जलाने और जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।