गोरखपुर से आतंकी साजिश का खुलासा! ISI लिंक वाले संदिग्ध कृष्णा मिश्रा पर ATS का शिकंजा, नेटवर्क की जड़ें खंगालने में जुटीं एजेंसियां।

रिपोर्ट नरसिंह उपाध्याय उपसंपादक 

 

न्यूज गोरखपुर/लखनऊ 08 मई 2026 उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश होने की आशंका के बीच उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने गोरखपुर से हिरासत में लिए गए संदिग्ध कृष्णा मिश्रा को लेकर जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में उसके तार विदेशी हैंडलर्स और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े एक नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

 

5 मई को गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी!

 

ATS सूत्रों के मुताबिक, कृष्णा मिश्रा को 5 मई 2026 को गोरखपुर से हिरासत में लिया गया। उसकी गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। संदिग्ध की लोकेशन और संपर्कों के आधार पर ATS ने सटीक ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ा।

 

पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले की थी साजिश!

 

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी कथित रूप से पुलिस प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील सरकारी ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। एजेंसियों को आशंका है कि यह एक बड़े मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जिसे विदेश से निर्देश मिल रहे थे।

 

तलाशी में हथियार और संदिग्ध डिवाइस बरामद!

ATS द्वारा की गई तलाशी में संदिग्ध के पास से:

अवैध हथियार

जिंदा कारतूस

संदिग्ध मोबाइल फोन और संचार उपकरण

 

 

बरामद किए गए हैं। इन डिजिटल डिवाइसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर की जा सके।

 

बाराबंकी तक फैला नेटवर्क!

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान ATS ने एक अन्य संदिग्ध को बाराबंकी से भी हिरासत में लिया है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी जड़ें फैली हो सकती हैं।

 

एजेंसियां खंगाल रहीं पूरा नेटवर्क!

 

ATS के साथ अन्य केंद्रीय और खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं। संदिग्ध के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया कनेक्शन और विदेशी संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

‘लोन वुल्फ’ या संगठित मॉड्यूल?

 

जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि कृष्णा मिश्रा अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा है। फिलहाल सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच जारी है।

 

निष्कर्ष:

गोरखपुर से सामने आया यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट है। ATS की सतर्कता से एक संभावित बड़ी साजिश समय रहते नाकाम हो सकती है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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