न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो: निचलौल
दमकी गांव के पास भारत गैस एजेंसी गोदाम के सामने हुआ हादसा, चकनाचूर हुई बाइक; मौके पर मची अफरातफरी — मृतक पचमा जमुई गांव के बताए जा रहे।
महराजगंज/निचलौल। निचलौल-महराजगंज मार्ग पर दमकी गांव के समीप भारत गैस एजेंसी के गोदाम के पास मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर चकनाचूर हो गई। सड़क पर हादसे का मंजर देखकर मौके पर जुटे लोग स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। चार युवकों की मौत की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवक पचमा जमुई गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी मृतकों की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस मृतकों की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी हुई है।
तेज रफ्तार बनी काल, फिर उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निचलौल-महराजगंज मार्ग की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मार्ग पर कई स्थानों पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा बना रहता है और दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। इसके बावजूद संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त गति नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिन स्थानों पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, वहां यातायात सुरक्षा के मानकों के अनुरूप आवश्यक उपाय किए जाएं। खासकर आबादी वाले क्षेत्रों, गांवों के निकट और दुर्घटना संभावित स्थानों पर गति नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
चार मौतों ने झकझोरा इलाका
एक ही हादसे में चार युवकों की मौत की खबर से पचमा जमुई सहित आसपास के गांवों में मातम का माहौल है। घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बढ़ती रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लगातार हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सड़क सुरक्षा के ठोस उपाय कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।