*लेखपाल मनीष पटेल निलंबित, रिश्वतखोरी व मारपीट के आरोपों पर एसडीएम की कार्रवाई।*

Bureau Report /Rakesh Tripathi Maharajganj /News 18 Plus /Chief Editor 

 

एक लाख रुपये सुविधा शुल्क लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और कार्यालय में मारपीट करने के आरोप; तहसीलदार को सौंपी गई जांच।

 

निचलौल तहसील में तैनात लेखपाल मनीष पटेल को रिश्वत लेने, कार्यालय में मारपीट करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता द्वारा जारी आदेश में तहसीलदार निचलौल को मामले की जांच सौंपते हुए विस्तृत आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मामला ग्राम करमहिया निवासी जीयन प्रसाद की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि 19 जून को मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी को पकड़े जाने के बाद लेखपाल मनीष पटेल ने वाहन छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये सुविधा शुल्क लिया। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर तहसील परिसर में उनके साथ अभद्रता, मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

 

प्रकरण की जांच में नायब तहसीलदार निचलौल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मौके पर खनन संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने के कारण वाहन को थाने लाया गया था। बाद में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर वाहन छोड़ दिया गया। जांच रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर लेखपाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

 

उपजिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया लेखपाल अनुचित लाभ प्राप्त करने तथा सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विपरीत आचरण करने के दोषी प्रतीत होते हैं। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील निचलौल कार्यालय से संबद्ध रखा गया है तथा बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाई गई है। मामले की विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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