न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो: धीरज कुमार निचलौल,
प्रधान और सफाईकर्मी की लापरवाही से बदहाल हुई व्यवस्था, दुर्गंध से राहगीरों का चलना हुआ मुश्किल
महराजगंज जनपद के निचलौल ब्लॉक अंतर्गत भारत खण्ड पकड़ी के दक्षिण टोला में फैली गंदगी और कूड़े का अंबार अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। गांव के मुख्य रास्ते पर कई दिनों से जमा कूड़ा न केवल राहगीरों की आवाजाही में बाधा बन रहा है, बल्कि उससे उठने वाली सड़ी-गली दुर्गंध लोगों का जीना भी मुश्किल कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही स्थिति और भयावह हो जाती है तथा इतनी तेज बदबू उठती है कि लोगों को नाक बंद करके रास्ता पार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो ग्राम प्रधान द्वारा कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही सफाईकर्मी ने मौके पर पहुंचकर सफाई कराने की जिम्मेदारी निभाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान सुनील कुमार गुप्ता को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद वह लगातार अनदेखी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि यदि गांव की मूलभूत समस्याओं को ही नजरअंदाज करेंगे तो ग्रामीण आखिर किससे उम्मीद करें।
शिकायतों के बाद भी नहीं जागा पंचायत प्रशासन
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सफाई की मांग को लेकर पंचायत स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया। सफाईकर्मी अजय कुमार भारती पर भी ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई न होने के कारण गांव में संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कूड़े के ढेर से बीमारी फैलने का खतरा
दक्षिण टोला के ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कूड़े का निस्तारण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सफाई नहीं कराई गई तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
जिम्मेदार मौन, ग्रामीण बेहाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की उदासीनता के कारण गांव की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन और गांवों को स्वच्छ बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पकड़ी भारत खण्ड दक्षिण टोला गंदगी और लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेगा और लापरवाह जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी। ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।