*सिंदुरिया में ‘सिस्टम’ पर सवाल: आखिर क्यों नहीं रुक रहा अवैध कारोबार का काला खेल?*

News 18 Plus Bureau: Dilip Kumar Pandey /Sinduriya,

 

महराजगंज के सिंदुरिया थाना क्षेत्र में अवैध कारोबार, नशे के फैलते जाल और कथित अनैतिक गतिविधियों को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही शिकायतों और खबरों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होने से अब स्थानीय लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है।

 

क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार तंत्र केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित है, जबकि हकीकत में अवैध गतिविधियां खुलेआम फल-फूल रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले समय में और भयावह रूप ले सकती है।

 

सेटिंग” के सहारे चल रहा खेल?

 

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि कुछ प्रभावशाली तत्वों की मिलीभगत से अवैध कारोबार को संरक्षण मिल रहा है। सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वसूली के जरिए इन गतिविधियों को जारी रखने की छूट दी जा रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है।

 

नशे का नया जाल, युवा सबसे ज्यादा प्रभावित

 

क्षेत्र में नशे का स्वरूप भी बदलता दिखाई दे रहा है। आरोप हैं कि कुछ दुकानों पर संदिग्ध उत्पादों की बिक्री हो रही है, जिनकी पहचान तक स्पष्ट नहीं होती। इससे युवा वर्ग धीरे-धीरे इसकी चपेट में आ रहा है, जो सामाजिक चिंता का बड़ा कारण बनता जा रहा है।

 

विवादों में घिरा चौरसिया होटल, धमकी के आरोप

 

इसी बीच ब्लॉक गेट के सामने स्थित चर्चित चौरसिया होटल भी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल से जुड़ी खबरों के प्रकाशन के बाद संबंधित पक्ष द्वारा धमकी दी जा रही है। साथ ही यहां कथित अनैतिक गतिविधियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

 

जनता की मांग: सीसीटीवी से हो सख्त निगरानी

 

क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संदिग्ध स्थानों पर तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। ब्लॉक गेट, चौरसिया होटल के आसपास, हथियागढ़, देउरवा, बलुअही, धुस और भेड़िया नहर जैसे इलाकों को संवेदनशील बताते हुए यहां विशेष निगरानी की आवश्यकता जताई गई है।

 

बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन?

 

लगातार उठ रहे सवाल, बढ़ती शिकायतें और सामने आते आरोप यह संकेत दे रहे हैं कि समस्या गहरी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन मामलों को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मुद्दा भी केवल जांच और आश्वासन तक सीमित रह जाएगा।

 

नोट: समाचार में उल्लेखित आरोप स्थानीय लोगों एवं सूत्रों पर आधारित हैं। स्वतंत्र पुष्टि शेष है। प्रशासन या संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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