Bureau Report/ Dilip Kumar Pandey Maharajganj /Correspondent /News 18 Plus
महराजगंज जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़हरा टोला, सेमरहना में पुराने कोटेदार को पुनः स्थापित किए जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक दबाव में उनकी आपत्तियों और शिकायतों को दरकिनार करते हुए कोटेदार को दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, वे पहले से ही कोटेदार के कार्यों से असंतुष्ट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि उनकी बात सुनने के बजाय उन पर दबाव बनाया गया और कुछ मामलों में अभद्र व्यवहार के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि वीडियो में एक अधिकारी वीडियो बना रहे व्यक्ति को धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। इसे लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, तो रिकॉर्डिंग पर आपत्ति क्यों जताई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपनी बात रखने और घटनाओं को रिकॉर्ड करने का अधिकार है। ऐसे में धमकी या दबाव की भाषा प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
जनता के सवाल
क्या ग्रामीणों की आपत्तियों की निष्पक्ष सुनवाई हुई?
वायरल वीडियो की जांच होगी या नहीं?
धमकी और मारपीट के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी?
दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने, सभी पक्षों की बात सुने जाने तथा सत्य तथ्यों के आधार पर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। बड़हरा टोला की जनता को इंतजार है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।