Bureau Report /Rakesh Tripathi /Maharajganj News 18 Plus/ Chief Editor
महराजगंज, 23 जून। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स तथा सड़क सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि मई 2026 में जिले में कुल 32 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 26 लोगों की मृत्यु तथा 8 लोग घायल हुए। इस पर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
महराजगंज-ठूठीबारी मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिलाधिकारी ने एनएच पीडब्ल्यूडी को कड़ी फटकार लगाते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर साइन बोर्ड, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और कैट लाइट लगाने तथा आसपास के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा प्रवर्तन अभियान की समीक्षा के दौरान एआरटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामलों से जुड़े 9 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 22 अन्य लाइसेंसों के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से फरेंदा में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तत्काल उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में स्कूल वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा बिना फिटनेस वाले वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया।
हाईवे से जुड़े संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में अधिशासी अभियंता राजकुमार मिश्रा, सहायक परिवहन अधिकारी मनोज सिंह, डीआईओएस प्रदीप शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।