Bureau Report/ Dilip Kumar Pandey Nichlaul /Correspondent /News 18 Plus
‘विधायक खुश, मंत्री खुश, सरकार खुश… आपको क्या दिक्कत है?’— कथित बयान से गरमाई सियासत, कार्रवाई की मांग तेज।
महराजगंज जिले के निचलौल आबकारी क्षेत्र संख्या-3 व 4 में तैनात आबकारी निरीक्षक वैभव यादव एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में हैं। लगभग चार वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय सूत्रों के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर उनकी तैनाती बरकरार है।
बताया जाता है कि होली के दौरान भी आबकारी निरीक्षक पर दो पत्रकारों से कथित तौर पर व्यंग्यात्मक और आपत्तिजनक भाषा में बातचीत करने का आरोप लगा था। उस प्रकरण के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
अब एक बार फिर निचलौल क्षेत्र में कथित वसूली के आरोप चर्चा में हैं। आरोप है कि छोटी-छोटी दुकानों पर दबाव बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मेहनत से जीविका चला रहा है, तो बिना ठोस आधार उसके रोजगार में बाधा डालना उचित नहीं है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच क्षेत्र के काटी टोला और बनकटवा में कथित मॉडल शॉप की आड़ में नेपाली शराब, कच्ची शराब और देशी शराब के अवैध कारोबार के संचालित होने की भी चर्चाएं हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इन स्थानों पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां जारी हैं, लेकिन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे अधिक चर्चा उस कथित बयान की हो रही है, जिसमें आबकारी निरीक्षक से लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में तैनाती को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “विधायक खुश, मंत्री खुश, सरकार खुश है, तो आपको क्या दिक्कत है?” यदि यह बयान सही है, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएंगे या मामला अन्य विवादों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। जनता की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।