Bureau Report /Rakesh Tripathi Maharajganj /News 18 Plus /Chief Editor
तत्कालीन सचिव निलंबित, कंसल्टिंग इंजीनियर हटाए गए; रोजगार सेवक पर भी विभागीय कार्रवाई होगी।
महराजगंज, 03 जुलाई। नौतनवा तहसील के ग्राम पंचायत शेख फरेंदा स्थित अमृत सरोवर का गेट गिरने से एक बालक की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है और कंसल्टिंग इंजीनियर को सभी शासकीय दायित्वों से विरत करते हुए जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 20 जून 2026 को अमृत सरोवर का मुख्य गेट अचानक गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से विकास यादव (पुत्र वीरेंद्र यादव) की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर उपजिलाधिकारी नौतनवा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।
जांच समिति की रिपोर्ट में निर्माण कार्य के निष्पादन और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही सामने आई। समिति ने ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव तथा कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही रोजगार सेवक द्वारा भी अपने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान रामबचन उर्फ महेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन्हें प्रशासक के पद से हटाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कंसल्टिंग इंजीनियर आदित्य चौधरी को सभी शासकीय दायित्वों से विरत करते हुए जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। रोजगार सेवक के खिलाफ भी विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनहानि के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित विभागों को जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।