*बलवंत यादव के नाम से फिर गूंजा ऑडियो, ठूठीबारी में कथित अवैध खनन पर उठे सवाल!*

Bureau Report /News 18 Plus /Thuthibari

 

वरिष्ठ पत्रकार की शिकायत के बाद कथित बातचीत वायरल, थाना प्रभारी अमित सिंह की कथित टिप्पणी भी चर्चा में; खनन विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल।

 

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी थाना क्षेत्र में कथित अवैध खनन और पशुओं के साथ मारपीट को लेकर एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले से जुड़ा बताया जा रहा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बलवंत यादव और थाना प्रभारी अमित सिंह का नाम चर्चा में है। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

 

बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पत्रकार सतीश निगम ने ठूठीबारी बाईपास के आसपास कथित अवैध खनन और एक जानवर के साथ मारपीट की शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत पहले थाना क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले बताए जा रहे बलवंत यादव तक पहुंची। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर शिकायत को लेकर बातचीत और मामले को हल्के में लेने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।

 

इसके बाद मामला उस समय और गंभीर चर्चा में आ गया, जब शिकायतकर्ता द्वारा कथित खनन और पशु के साथ मारपीट का मुद्दा थाना प्रभारी अमित सिंह के समक्ष उठाए जाने की बात सामने आई। वायरल ऑडियो से जुड़े दावों में थाना प्रभारी की कथित बातचीत और टिप्पणी का भी जिक्र है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत का लहजा आपत्तिजनक था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ऑडियो वायरल, सवालों के घेरे में कार्रवाई

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत सामने आती है तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी क्या है? क्या मौके पर जांच की गई, खनन की अनुमति और अभिलेखों की जांच हुई या फिर कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रही? वायरल ऑडियो ने इन सवालों को और हवा दे दी है।

 

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि शिकायतों के बावजूद यदि कथित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है? क्या पुलिस और खनन विभाग के बीच समन्वय का अभाव है या शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा?

 

बलवंत यादव और अमित सिंह की भूमिका पर उठे सवाल

वायरल ऑडियो में बलवंत यादव और थाना प्रभारी अमित सिंह के नाम सामने आने के दावे के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ऑडियो वास्तविक है और उसमें कही गई बातें सही संदर्भ में हैं, तो संबंधित अधिकारियों को इसकी निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

 

वहीं, थाना प्रभारी अमित सिंह को लेकर पूर्व में अभद्र भाषा और व्यवहार से संबंधित शिकायतों के दावे भी किए जा रहे हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। ऐसे में सवाल यह है कि शिकायतों और वायरल ऑडियो के बावजूद पुलिस-प्रशासन की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई?

 

खनन विभाग की भूमिका भी सवालों में

 

ठूठीबारी बाईपास के आसपास कथित खनन की शिकायत यदि सही है तो खनन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया या नहीं, खनन स्थल की जांच हुई या नहीं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में क्या कार्रवाई की गई—इन सभी बिंदुओं पर विभाग से स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।

 

अब निगाहें महराजगंज पुलिस और जिला प्रशासन पर हैं कि वायरल ऑडियो और सामने आई शिकायतों को महज सोशल मीडिया की चर्चा मानकर छोड़ दिया जाता है या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाती है।

 

वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर में शामिल आरोप और दावे संबंधित शिकायत/वायरल ऑडियो से जुड़े बताए जा रहे हैं।

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