ब्यूरो रिपोर्ट/न्यूज़ 18प्लस/महराजगंज
महराजगंज। आमजन को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सोमवार देर रात जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी प्रोटोकॉल और पूर्व सूचना के सामान्य व्यक्ति के रूप में अस्पताल पहुंचे डीएम ने मरीजों को मिल रहे इलाज, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता तथा रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।
अस्पताल पहुंचते ही जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति तथा अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि इलाज अथवा किसी अन्य सुविधा के लिए उनसे किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस या पैसे की मांग तो नहीं की गई। मरीजों और तीमारदारों ने ऐसी किसी मांग से इनकार किया।
इसके बाद डीएम ने आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, प्रसव पश्चात कक्ष, फार्मेसी समेत अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. श्वेतांशु शाही और डॉ. शालिनी वर्मा बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया। महिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात गार्डों के अनुपस्थित मिलने पर उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने प्रसव पंजिका, पोषण पंजिका, रेफरल पंजिका सहित विभिन्न अभिलेखों एवं रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। कुछ पंजिकाएं सही तरीके से भरी हुई नहीं मिलने पर संबंधित स्टाफ नर्सों को चेतावनी देते हुए सभी पंजिकाओं को निर्धारित प्रारूप में सही एवं अद्यतन तरीके से भरने के निर्देश दिए।
उन्होंने मौजूद स्टाफ नर्सों से प्रोजेक्ट पहचान के संबंध में भी जानकारी ली। डीएम ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य विकासात्मक बाधा और अस्थायी दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों की समय से पहचान कर उन्हें आवश्यक जांच और उचित उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बच्चों से संबंधित प्रत्येक रजिस्टर को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने तथा बच्चों की समस्या को स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें समय से उपचार एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स अर्चना सिंह, अर्चना पाण्डेय एवं अनुराधा गुप्ता मौजूद रहीं।
डीएम ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को दिए जा रहे उपचार तथा रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी देखी। उन्होंने विभिन्न वार्डों और कक्षों का निरीक्षण कर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आवश्यक सुधार तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मरीजों और उनके परिजनों से आत्मीयता से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी समस्याएं सीधे सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो और अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाओं का लाभ उन्हें सुगमता एवं सम्मान के साथ मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का अधिकारी है। समय से उपचार, आवश्यक दवाएं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा असंवेदनशीलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित औचक जांच जारी रहेगी और निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. द्विवेदी मौजूद रहे।