ठूठीबारी में लंबे समय से जमे आरक्षी की भूमिका चर्चा में, कथित वसूली और ‘कारखास’ होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग

आखिर बलवंत यादव को ‘अभयदान’ क्यों? चार साल की तैनाती पर उठे सवाल!

न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/ठूठीबारी

 

ठूठीबारी थाना क्षेत्र में आरक्षी बलवंत यादव की लंबे समय से जारी तैनाती अब पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के अनुसार करीब दो वर्ष तक डायल-112 में तैनाती के बाद थाना स्तर पर सक्रिय रहे बलवंत यादव की कुल तैनाती करीब चार वर्ष तक पहुंचने की चर्चा है। सवाल सीधा है—जब लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो आखिर बलवंत यादव पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

 

लंबे समय की तैनाती बनी सवालों के घेरे में

 

पुलिस विभाग में स्थानांतरण और तैनाती को लेकर समय-समय पर नियमों और पारदर्शिता की बात होती रही है। ऐसे में एक ही थाना क्षेत्र में लंबे समय तक किसी आरक्षी की मौजूदगी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सूत्रों का दावा है कि बलवंत यादव की भूमिका को लेकर पूर्व में भी चर्चाएं और शिकायतें सामने आती रही हैं।

 

कथित वसूली के आरोप, जांच के बिना सच क्या?

 

बलवंत यादव पर थाना क्षेत्र में कथित रूप से अवैध शराब, गांजा और अन्य गतिविधियों से जुड़े लोगों से संपर्क तथा वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि आरोपों को सच मानने के बजाय अब सवाल यह है कि क्या वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे?

 

यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है और यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो कार्रवाई का रास्ता भी साफ होगा।

 

‘चिंता करने की जरूरत नहीं’—कथित बयान ने बढ़ाई हलचल

 

मामले में ठूठीबारी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह का कथित बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक बलवंत यादव की तैनाती को लेकर सवाल किए जाने पर कथित तौर पर कहा गया—“चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं कप्तान साहब से बोल दिया हूं।”

 

यदि यह कथन सही है तो यह अपने आप में जांच का विषय है कि किसी आरक्षी की तैनाती को लेकर थाना स्तर से ऐसी आश्वस्ति किस आधार पर दी गई।

 

दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, फिर बलवंत यादव पर सवाल क्यों नहीं?

 

थाना क्षेत्र में अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई या स्थानांतरण की स्थिति सामने आने के बाद बलवंत यादव की लंबे समय से बनी मौजूदगी को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। आखिर ऐसा क्या है कि अन्य मामलों में विभाग सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन बलवंत यादव की तैनाती को लेकर उठ रही चर्चाओं पर अब तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई?

 

थाना प्रभारी की तैनाती पर भी उठ रही चर्चा

 

वहीं सूत्रों के मुताबिक थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बावजूद करीब नौ महीने से ठूठीबारी में बने रहने को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि इस संबंध में भी विभागीय स्तर से स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

 

अब वरिष्ठ अधिकारियों की निगाह पर पूरा मामला

 

बलवंत यादव की लंबी तैनाती, उनकी कथित भूमिका और लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी की कार्रवाई को लेकर है।

 

क्या बलवंत यादव की तैनाती और भूमिका की स्वतंत्र जांच होगी?

क्या कथित वसूली के आरोपों की पड़ताल होगी?

क्या लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती का कारण सार्वजनिक किया जाएगा?

और सबसे बड़ा सवाल—आखिर बलवंत यादव को ‘अभयदान’ क्यों?

 

इन सवालों का जवाब जांच और विभागीय कार्रवाई से ही सामने आ सकता है। फिलहाल मामला आरोपों और चर्चाओं के बीच है, जिसकी निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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