*जयकारों से गूंजा मां लेहड़ा देवी का दरबार, नवरात्र के पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब!*

Bureau Report/ News 18 Plus /Farenda

 

महराजगंज के साथ आसपास के जिलों और नेपाल से भी पहुंचे श्रद्धालु, पूजा-पाठ के साथ मेले में दिखी रौनक।

 

फरेंदा (महराजगंज)। शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही फरेंदा स्थित प्रसिद्ध मां लेहड़ा देवी शक्तिपीठ में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। देर रात से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। मां के जयकारों, घंटों की गूंज और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

 

मां लेहड़ा देवी के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महराजगंज जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा आसपास के जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

 

पूजा सामग्री की दुकानों पर रही चहल-पहल

 

नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के मेला क्षेत्र में प्रसाद, चुनरी, नारियल, फूल-माला, पूजा सामग्री, खिलौने और खानपान की दुकानें सजी रहीं। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की। बच्चों में खिलौनों और मेले को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। भक्तिमय माहौल के बीच दुकानदारों की गतिविधियां भी तेज रहीं और पूरा क्षेत्र मेले की रौनक से गुलजार दिखाई दिया।

 

पांडवों के अज्ञातवास से जुड़ी है लोकमान्यता

 

मां लेहड़ा देवी शक्तिपीठ अपनी धार्मिक आस्था और प्राचीन परंपराओं के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। स्थानीय लोकश्रुति के अनुसार, प्राचीन काल में मंदिर के आसपास का इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ था, जिसे आद्रवन कहा जाता था। धार्मिक मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान इस क्षेत्र में समय बिताया था और अर्जुन ने मां भगवती की आराधना की थी। हालांकि, इन मान्यताओं की स्वतंत्र ऐतिहासिक पुष्टि करने वाले प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

 

व्यवस्थाओं पर रहती है श्रद्धालुओं की नजर

 

नवरात्र के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कतार प्रबंधन, पेयजल, साफ-सफाई तथा यातायात व्यवस्था की अहम भूमिका रहती है। मंदिर के महंत ओम प्रकाश पांडेय के अनुसार, नवरात्र में यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जबकि सालभर भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते रहते हैं।

 

नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर मां लेहड़ा देवी शक्तिपीठ के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। मंदिर परिसर में गूंजते जयकारों और भक्तों की श्रद्धा के बीच नवरात्र का आगाज पूरे धार्मिक उत्साह के साथ हुआ।

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