ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी सिंदुरिया महराजगंज
प्रधान सम्पादक
महराजगंज/सिन्दुरिया: जनपद के सिन्दुरिया थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून व्यवस्था और खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। एक ओर जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और अवैध धंधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती है, वहीं सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के विभिन्न गाँवों में अवैध देशी शराब और गांजे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार को कथित तौर पर स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।
इन गाँवों में सजा है ‘मौत’ का बाजार:
पड़ताल में सामने आया है कि थाना क्षेत्र के सिन्दुरिया, कंचनपुर, भेड़िया और देउरवां जैसे इलाकों में अवैध देशी शराब का कारोबार चरम पर है। इतना ही नहीं, भेड़िया गाँव में दो स्थानों पर गांजे की बिक्री बेखौफ होकर की जा रही है। हद तो तब हो गई जब देउरवां में इट भट्ठा के ठीक बगल में ही अवैध शराब की मंडी सजी हुई है, जो पुलिस की गश्त और सक्रियता के दावों को खुली चुनौती दे रही है।
सवाल पूछने पर ‘साहब’ ने किया ब्लॉक:
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की संलिप्तता तब और संदिग्ध हो गई जब ‘निर्वाण टाइम्स’ के पत्रकार राकेश त्रिपाठी ने मामले की जानकारी देने और पुलिस का पक्ष जानने के लिए थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह से संपर्क करने की कोशिश की। पत्रकार ने एक नहीं बल्कि तीन बार फोन किया, लेकिन थानाध्यक्ष ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
जब पत्रकार ने जनहित और अपराध से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को व्हाट्सएप के जरिए उनके संज्ञान में लाना चाहा, तो थानाध्यक्ष ने समस्या का समाधान करने के बजाय पत्रकार को ही ब्लॉक कर दिया।