ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी निचलौल
मुख्य सम्पादक
महराजगंज, 23 मार्च 2026: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन मधवलिया का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट इकाई, गोबर गैस प्लांट और हरे चारे की व्यवस्था को विस्तार से परखा गया।
निरीक्षण के दौरान गोबर गैस प्लांट के बंद होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। जल निगम के जेई ने बताया कि गैस चैंबर में स्लरी जम जाने के कारण प्लांट निष्क्रिय हो गया है। इस पर जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर सभी कमियां दूर कर प्लांट को चालू करने के सख्त निर्देश दिए।
गोसदन में पशुओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यहां कुल 737 गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें 558 नंदी और 179 गाय शामिल हैं। पशुओं के चारे की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिसमें 234.08 कुंतल भूसा, 43.28 कुंतल चोकर, 71.15 कुंतल पशु आहार और 243.90 कुंतल साइलेज मौजूद है।
हरे चारे के उत्पादन पर जोर देते हुए बताया गया कि 242 एकड़ में बाजरा, 2 एकड़ में नेपियर और 0.5 एकड़ में जई की खेती की जा रही है, ताकि पशुओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण मिल सके। जिलाधिकारी ने पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित परीक्षण और हरे चारे के उत्पादन को और बढ़ाने के निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण किया और मुख्य द्वार सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर 15 दिन का बैकअप सुनिश्चित करने को कहा।
गोसदन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी ने फलदार वृक्षों के रोपण का निर्देश दिया, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के संबंध में बीडीओ निचलौल ने जानकारी दी कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खाद का उत्पादन और बिक्री कर रही हैं। साथ ही गोबर से गोकाष्ठ भी तैयार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए कृषि, गन्ना और उद्यान विभाग के माध्यम से समूहों का अनुबंध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गोकाष्ठ की खपत बढ़ाने के लिए अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों में उपयोग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि गोसदन मधवलिया को एक मॉडल और आत्मनिर्भर इकाई के रूप में विकसित करने की पूरी क्षमता है, जिसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करना जरूरी है। इसके लिए जिला विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोसदन परिसर में आम का पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उपजिलाधिकारी निचलौल, बीडीओ निचलौल, डीपीआरओ समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।