ब्यूरो रिपोर्ट/ नरसिंह उपाध्याय निचलौल
उप सम्पादक
महराजगंज (निचलौल): उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां अवैध कब्जों पर प्रशासन का पीला पंजा गरज रहा है, वहीं निचलौल तहसील के ग्राम कटहरी कला में एक रसूखदार भू-माफिया के आगे सरकारी आदेश भी बौने साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर सार्वजनिक खलिहान की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम कटहरी कला निवासी सरफराज पुत्र इकबाल एवं अन्य ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सभा की गाटा संख्या 193 (रकबा 0.368 हेक्टेयर) जो कि राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक खलिहान के रूप में दर्ज है, उस पर गांव के ही मुहीद्दीन अंसारी और उनके भाइयों ने अवैध रूप से पक्का निर्माण करा लिया है।
प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि:
उक्त भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर आरोपी पर दो बार बेदखली की कार्रवाई हो चुकी है।
भू-माफिया ने फर्जी तरीके से जमीन का पट्टा करा लिया था, जिसे उच्चाधिकारियों के आदेश पर खारिज भी किया जा चुका है।
एसडीएम निचलौल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन धरातल पर अभी तक खलिहान खाली नहीं कराया गया है।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया है कि उक्त भू-माफिया सरकारी जमीन कब्जा करने का आदी है। हाल ही में प्रशासन ने उसके कब्जे से सीलिंग की जमीन मुक्त कराई है। अब ग्रामीणों की मांग है कि जिस तरह अन्य जमीनों को मुक्त कराया गया, उसी तरह खलिहान पर बने अवैध मकान को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर सार्वजनिक संपत्ति को बहाल किया जाए।
हम न्याय की गुहार लगा रहे हैं। जब पट्टा खारिज हो चुका है और बेदखली का आदेश है, तो फिर प्रशासन देरी क्यों कर रहा है? खलिहान खाली होना ही चाहिए।
सरफराज (शिकायतकर्ता)
अगला कदम ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खलिहान की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया, तो वे उच्च स्तर पर आंदोलन को बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस भू-माफिया पर कब एक्शन लेता है।