*कबाड़ के मोबाइल से करोड़ों की ठगी! महराजगंज में साइबर माफिया का खतरनाक खेल बेनकाब!*

ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी/ महाराजगंज 

मुख्य सम्पादक 

गांव-गांव से जुटाए पुराने फोन, कोलकाता में बदले IMEI… फिर शुरू होता था डिजिटल लूट का खेल

महराजगंज:जिले में साइबर अपराध का एक ऐसा संगठित और खतरनाक नेटवर्क उजागर हुआ है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की बड़ी कार्रवाई में एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जो पुराने मोबाइल फोन को ही ठगी का हथियार बना रहा था। यह गिरोह गांव-गांव घूमकर लोगों को मामूली लालच देकर उनके पुराने मोबाइल हासिल करता और फिर उन्हीं फोन से देशभर में साइबर ठगी को अंजाम देता था।

पुलिस ने परतावल क्षेत्र में दबिश देकर इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने सबको चौंका दिया—318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 5 अन्य मोबाइल, फर्जी बिल-पर्चियां, ₹5700 नकद और 5 मोटरसाइकिल। इन मोबाइलों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बेहद चालाकी से ग्रामीण इलाकों में घूमते थे और पुराने मोबाइल के बदले बर्तन या अन्य सामान देकर लोगों को फुसलाते थे। भोले-भाले ग्रामीणों को अंदाजा भी नहीं होता था कि उनके बेचे गए फोन आगे चलकर साइबर अपराध का जरिया बनेंगे।सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन मोबाइलों को कोलकाता भेजा जाता था, जहां तकनीकी छेड़छाड़ कर उनके (IMi) इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) के बारे में पूछ रहे हैं, तो इसकी पूरी बदल दिए जाते थे। इसके बाद ये फोन पूरी तरह ‘अनट्रेसबल’ बन जाते और इन्हीं का इस्तेमाल ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसे संगीन अपराधों में किया जाता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह किसी बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं। फिलहाल बरामद मोबाइलों के डेटा की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

सवाल बड़ा है:

क्या आपके घर का पुराना मोबाइल भी किसी ठगी का हथियार बन चुका है?

क्या गांवों को निशाना बनाकर साइबर माफिया नया जाल बुन रहे हैं?यह कार्रवाई भले ही एक बड़ी सफलता मानी जा रही हो, लेकिन इस खुलासे ने यह भी साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी अब नए-नए हथकंडे अपनाकर आम जनता को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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