मौत का बायपास!” – महराजगंज में खून मांग रही सड़कें, 45 वर्षीय महिला जिंदगी और मौत के बीच जंग में।

ब्यूरो रिपोर्ट/ अवधेश सैनी /सिंदुरिया 

महराजगंज 15 अप्रैल 2026 जनपद महराजगंज की सड़कों की बदहाल तस्वीर एक बार फिर खून से रंगी दिखाई दी। सिंदुरिया से महज 300 मीटर आगे शिकारपुर मार्ग पर, बरवा खुर्द के पास बने नए बायपास पर बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें करीब 45 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और हर गुजरते पल के साथ जिंदगी की डोर कमजोर पड़ती जा रही है“सड़क नहीं, मौत जाल!”

जिस बायपास को लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया गया था, वही आज खतरनाक जाल बन चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि:

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ा डामर

कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं

स्पीड कंट्रोल का इंतजाम तो इंतजाम है लेकिन सड़के बेहाल,

निर्माण में गुणवत्ता की घोर अनदेखी

इन सब लापरवाहियों ने मिलकर इस सड़क को “मौत का बायपास” बना दिया है।

हर दिन हादसा, हर दिन मातम!

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है।

शिकारपुर बायपास – बरवा खुर्द मार्ग अब हादसों का स्थायी अड्डा बन चुका है।

हर दूसरे दिन कोई न कोई यहां दुर्घटना का शिकार हो रहा है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

सवालों के घेरे में सिस्टम

आखिर किसकी जिम्मेदारी है इन सड़कों की?

क्या हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?

कितनी और जानें जाएंगी तब होगा सुधार?

जब देश में राष्ट्रीय राजमार्गों को विकास की रीढ़ कहा जाता है, तब महराजगंज की यह स्थिति सीधे-सीधे सिस्टम की नाकामी और लापरवाही की गवाही देती है,जनता का गुस्सा फूटा

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है:

अगर समय रहते सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए, तो यह बायपास और भी जिंदगियां निगल जाएगा।

प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी!

यह हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक खुला सबूत है कि महराजगंज में सड़कों की हालत अब जानलेवा स्तर पर पहुंच चुकी है,अगर अब भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं जागे, तो यह लापरवाही और भी खून की कीमत मांगेगी,सवाल साफ है — क्या प्रशासन अगली मौत का इंतजार कर रहा है?

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