*अखिलेश वर्मा”निचलौल में सख्त कानून व्यवस्था की पहचान बने, अब कोठीभार की कमान संभालेंगे।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ राजीव त्रिपाठी /सिसवा कोठीभार 

सह संपादक 

महराजगंज:जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। देर रात जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दो निरीक्षकों एवं दो उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। इसी क्रम में निचलौल थाना प्रभारी रहे तेजतर्रार और कर्मठ अधिकारी अखिलेश कुमार वर्मा का स्थानांतरण कोठीभार थाना में थानाध्यक्ष के रूप में कर दिया गया है। उन्होंने दिनांक 17/03/2026, बृहस्पतिवार को अपना कार्यभार ग्रहण किया।

 

एक साल का कार्यकाल, लेकिन छाप वर्षों तक रहेगी!

निचलौल में अपने लगभग एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान अखिलेश कुमार वर्मा ने जो छवि बनाई, वह एक सख्त, ईमानदार और जनता के प्रति संवेदनशील अधिकारी की रही। उन्होंने थाना परिसर को आधुनिक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नवनिर्मित भव्य गेट और सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रही, जिसका लोकार्पण तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना द्वारा किया गया था।

थाना प्रभारी अखिलेश कुमार वर्मा किए गए सराहनीय कार्य कुछ इस प्रकार के हैं! 

अपराधियों पर कसा शिकंजा, मचा हड़कंप!

अखिलेश वर्मा का नाम सुनते ही अपराधियों के चेहरे पर खौफ साफ झलकता था। उनके कार्यकाल में अपराध पर जिस तरह लगाम कसी गई, वह मिसाल बन गई।

चौक रोड पर खुलेआम चल रहे अनैतिक देह व्यापार के अड्डों को जड़ से उखाड़ फेंका!

अवैध शराब माफियाओं पर लगातार छापेमारी कर उनकी कमर तोड़ दी!

गांजा और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई!

असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर कानून का भय स्थापित किया!

उनकी कार्यशैली इतनी आक्रामक रही कि अपराधी क्षेत्र छोड़ने को मजबूर हो गए या फिर कानून के शिकंजे में आ गए।

जनता के बीच रहने वाले ‘जनप्रिय’ थानाध्यक्ष

जहां एक ओर वे अपराधियों के लिए सख्त और बेखौफ थे, वहीं आम जनता के लिए बेहद सरल और सहयोगी। गरीबों की मदद करना, उनके घर तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना और हर संभव सहायता देना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।

कई ऐसे मौके आए जब उन्होंने अपनी निजी व्यस्तताओं को दरकिनार कर जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर सहयोग किया। यही वजह रही कि आम जनता में उनके प्रति गहरा सम्मान और भरोसा देखने को मिला।

विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जैसे ही लोगों को उनके स्थानांतरण की जानकारी मिली, थाना परिसर और आसपास क्षेत्र में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने ‘प्रिय थानाध्यक्ष’ को विदा करने पहुंचा। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि उन्होंने सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभाली, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बनाई।

अब नई चुनौती: कोठीभार

अब अखिलेश कुमार वर्मा कोठीभार थाना की कमान संभाल चुके हैं। उनसे यहां भी उसी सख्ती और जनसेवा की उम्मीद की जा रही है।

वहीं, निचलौल थाना की जिम्मेदारी अब नए थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा के हाथों में है। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि उनका कार्यकाल कैसा रहेगा और क्या वे अखिलेश वर्मा द्वारा स्थापित मानकों को बरकरार रख पाएंगे।

अखिलेश कुमार वर्मा ने यह साबित कर दिया कि यदि नीयत साफ हो और इरादे मजबूत, तो कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना संभव है। उनके जाने से निचलौल को एक सख्त और संवेदनशील अधिकारी की कमी जरूर खलेगी, लेकिन कोठीभार को अब एक ऐसा थानाध्यक्ष मिला है जो अपराधियों के लिए चेतावनी और जनता के लिए भरोसे का नाम है।

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