Bureau Report /News 18 Plus Correspondent /Sinduri
“दावों और जमीनी हकीकत में फर्क?” जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर भी उठ रहे प्रश्न?
महराजगंज। जनपद के सिंदुरिया थाना क्षेत्र में कथित रूप से अवैध नशे के कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में लगातार चर्चा है कि अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है, जबकि पुलिस की ओर से समय-समय पर सख्त कार्रवाई और अपराध नियंत्रण के दावे किए जाते रहे हैं।
इसी बीच एक वरिष्ठ पत्रकार ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कथित रूप से पत्रकारिता के नाम पर ₹5,000 की वसूली की गई। इस दावे के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना क्षेत्र में वास्तव में अवैध कारोबार नहीं हो रहा है, जैसा कि पुलिस का दावा है, तो लगातार उठ रहे आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कथित रूप से नशे का कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियां प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी लोगों के बीच सवालों के घेरे में है।
आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि उनके पास अपने दावों से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं और यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो वे संबंधित व्यक्तियों के नाम और उपलब्ध साक्ष्यों को सार्वजनिक करेंगे।
अब लोगों की निगाहें महराजगंज पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, वहीं यदि आरोप असत्य हों तो तथ्य भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।