Bureau Report /News 18 Plus Correspondent/ Nichlaul Maharajganj
निचलौल (महाराजगंज) नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के सरगना (गैंगलीडर) समेत कुल पांच आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986) के तहत मामला पंजीकृत किया है।
फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर करते थे ठगी
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। आरोपियों द्वारा फर्जी परीक्षा आयोजित कराने, कूटरचित (फर्जी) ट्रेनिंग दिलवाने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली जॉइनिंग लेटर को असली बताकर लोगों को दिया जाता था। जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगते थे, तो उन्हें गाली-गलौज की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
गैंगलीडर समेत इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए गिरोह के सदस्यों का विवरण इस प्रकार है:
राजचन्द उर्फ अजीत (गैंगलीडर):पुत्र संतराज, निवासी- कोहनी खाल, थाना बड़हलगंज, जिला गोरखपुर। (उम्र करीब 28 वर्ष)
आमोद राठौर पुत्र स्व. राजाराम राठौर, निवासी- सरस्वती पुरम, थाना जानकीपुरम, लखनऊ। (उम्र करीब 56 वर्ष)
कुलदीप प्रकाश पुत्र विजय प्रकाश, निवासी- नरेन्द्रनगर, थाना कोतवाली, जिला उन्नाव (वर्तमान पता: दयालपुरम, इन्दिरानगर, लखनऊ)। (उम्र करीब 35 वर्ष)
अराधना कुमारी: पत्नी कुलदीप प्रकाश, निवासी- नरेन्द्रनगर, थाना कोतवाली, जिला उन्नाव (वर्तमान पता: दयालपुरम, इन्दिरानगर, लखनऊ)।
मुकेश चौधरी: पुत्र खुशीहाल चौधरी, निवासी- ओराटांड़ पकड़ीहवा, थाना निचलौल, जिला महाराजगंज। (उम्र करीब 29 वर्ष)
इलाके में फैला था खौफ
थाना निचलौल पुलिस के मुताबिक, इस शातिर गिरोह के आपराधिक कृत्यों से आम जनता में काफी आक्रोश और भय का माहौल था। गिरोह के डर से कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने या गवाही देने का साहस नहीं जुटा पा रहा था।
समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने और इनके स्वच्छंद विचरण पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने उच्चाधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त कर इन सभी आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।