*बाढ़ के खतरे के बीच एसएसबी ने संभाली सीमा की कमान, नदी में उतरी संयुक्त टीम!*

Bureau Report/ News 18 Plus /Thuthibari 

 

कटान वाले स्थानों की पहचान, राहत-बचाव के वैकल्पिक रास्ते चिह्नित; तस्करी के संभावित ठिकानों पर भी नजर।

 

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर एसएसबी ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल गति देने तथा नदी मार्ग से होने वाली अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से शनिवार को 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के ए-समवाय पतलावा और राहत-बचाव दल ने संयुक्त नदी गश्त की।

 

दोपहर एक बजे से तीन बजे तक चले अभियान के दौरान जवानों ने नदी के जलस्तर और प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही नदी किनारे कटान की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया। बाढ़ की स्थिति में राहत दल को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक मार्गों की भी पहचान की गई।

 

एसएसबी की इस संयुक्त कार्रवाई का फोकस केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा। जवानों ने नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी। नदी मार्ग का इस्तेमाल कर संभावित तस्करी किए जाने वाले स्थानों की पहचान करते हुए निगरानी के लिए संभावित नाका बिंदु भी चिह्नित किए गए।

 

अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती नदी क्षेत्र में नियमित गश्त से एक ओर बाढ़ जैसी आपदा के समय राहत-बचाव अभियान को तेजी से संचालित करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नदी के रास्ते होने वाली तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण कायम किया जा सकेगा।

 

संयुक्त गश्त में एसएसबी की ओर से निरीक्षक (सामान्य) अरुण कुमार पांडेय, सहायक उपनिरीक्षक (सामान्य) धनंजय बरमन समेत दो अन्य जवान शामिल रहे। राहत-बचाव दल की ओर से मुख्य आरक्षी (सामान्य) राकेश कुमार यादव समेत तीन सदस्य मौजूद रहे।

 

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्र के नदी इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि बाढ़ या किसी अन्य आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके। साथ ही सीमा सुरक्षा को प्रभावित करने वाली अवैध गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

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