ब्यूरो रिपोर्ट/न्यूज़ 18प्लस/ दिलीप कुमार पाण्डेय, /निचलौल
निचलौल/महराजगंज। जनपद महराजगंज के निचलौल क्षेत्र स्थित यादव पेट्रोल पंप पर गुरुवार को किसानों और आम लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। लगातार बढ़ती डीजल और पेट्रोल की कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेती-किसानी में उपयोग होने वाले डीजल के दाम बढ़ने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि महंगाई की मार अब असहनीय होती जा रही है और खेती करना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि खेतों की जुताई, सिंचाई, थ्रेसर और अन्य कृषि कार्यों में डीजल की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने खेती की लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि पहले ही खाद, बीज और कीटनाशकों के दाम आसमान छू रहे हैं, ऊपर से पेट्रोल-डीजल की महंगाई ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है।
यादव पेट्रोल पंप पर मौजूद कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं को देखने वाला कोई नहीं है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण खेती से होने वाली आमदनी और खर्च के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है।
आम नागरिकों और वाहन चालकों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर चिंता जताई। उनका कहना है कि ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ रहा है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ रहा है। इससे आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ता जा रहा है।
क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
“महंगाई की मार से कराह उठा किसान, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दाम बने खेती पर भारी”