*पनियरा में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित!*

Bureau Report/ News 18 Plus /Maharajganj

 

आठ ग्राम पंचायतों में बिना भौतिक सत्यापन के 70.40 लाख रुपये के भुगतान का मामला, जांच अधिकारी नामित।

 

 

महराजगंज। शासनादेशों और जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना तथा प्रथम दृष्टया वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में विकास खंड पनियरा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ओमप्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अधिकारी पर पनियरा विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों में 15वें एवं पंचम वित्त आयोग की धनराशि से कराए गए कार्यों के भुगतान में अनियमितता बरतने का आरोप है। संबंधित ग्राम पंचायतों—सोहास, ऋषपुर, धनघटी, खजुरिया, तेंदुहिया, सुभितपुर, मोहद्दीनपुर एवं कनैला में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के भौतिक सत्यापन के बिना कुल 70 लाख 40 हजार 868 रुपये का भुगतान किए जाने का उल्लेख निलंबन आदेश में किया गया है।

 

इसके अलावा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत सचिवालय एवं सामुदायिक शौचालयों के अधूरे कार्यों को पूरा कराने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देशों की अनदेखी कर अन्य कार्य कराए जाने का भी आरोप है।

 

जिला पंचायत राज अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ओमप्रकाश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं, प्रकरण की विभागीय जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), परतावल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

 

इसके साथ ही संबंधित आठों ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के माध्यम से भुगतान और कार्यों से संबंधित वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

विभागीय स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि शासनादेशों के विपरीत कार्य कराने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने तथा सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में विकास कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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