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14 घंटे की मेहनत लाई रंग, बी.कॉम में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया तराई का मान; सरकारी सेवा में जाकर समाज की सेवा करना है सपना!
महराजगंज। सीमावर्ती कस्बा ठूठीबारी की होनहार बेटी हिना मिर्जा ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और अनुशासित अध्ययन से पूरे तराई क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध सरस्वती देवी महाविद्यालय की बी.कॉम (वाणिज्य संकाय) परीक्षा में 2900 में 2303 अंक प्राप्त कर उन्होंने विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया।
सोमवार को आयोजित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने हिना मिर्जा को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र की बेटी हिना की सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई।
हिना मिर्जा की इस उपलब्धि से ठूठीबारी सहित पूरे तराई क्षेत्र में खुशी की लहर है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों की बेटियां अब शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं और हिना की सफलता उन हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
रोज 14 घंटे की पढ़ाई से हासिल किया मुकाम
हिना मिर्जा ने अपनी सफलता का श्रेय अल्लाह, अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन लगभग 14 घंटे अध्ययन करती थीं। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं होती।
सरकारी सेवा में जाकर करना चाहती हैं समाज की सेवा
हिना ने बताया कि उनका सपना किसी प्रतिष्ठित सरकारी पद पर चयनित होकर देश और समाज की सेवा करना है। उनके अनुसार शिक्षा केवल रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे प्रभावी शक्ति है।
ठूठीबारी से विश्वविद्यालय तक का प्रेरक सफर
हिना मिर्जा की प्रारंभिक शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल, ठूठीबारी से हुई। इसके बाद उन्होंने सरस्वती देवी महाविद्यालय से वाणिज्य संकाय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक हासिल कर अपने परिवार, महाविद्यालय तथा पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
बधाइयों का लगा तांता

हिना मिर्जा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके पिता मिर्जा मैनुद्दीन बेग, परिवार के सदस्यों, शिक्षकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना है कि हिना की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सीमावर्ती क्षेत्र की इस बेटी ने अपनी मेहनत से न केवल स्वर्ण पदक जीता है, बल्कि पूरे महराजगंज का सम्मान भी बढ़ाया है।