Bureau Report/News 18 Plus /Nichlaul
निचलौल/महाराजगंज:सीमावर्ती थाना क्षेत्र निचलौल में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर होटलों का अनैतिक व अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। मुख्य कस्बे से लेकर देहाती इलाकों और छोटे-छोटे चौराहों तक बिना किसी वैध लाइसेंस और बिना खाद्य सुरक्षा मानकों के होटलों का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये होटल न केवल राजस्व को चूना लगा रहे हैं और आम जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि इनमें से कई होटल अवैध व अनैतिक गतिविधियों के अड्डे भी बनते जा रहे हैं।
गिने-चुने होटलों के पास ही वैध कागजात:
सूत्रों व स्थानीय निवासियों के अनुसार, निचलौल क्षेत्र में संचालित दर्जनों होटलों में से गिने-चुने ही ऐसे होंगे जिनके पास होटल संचालन का वैध सराय एक्ट लाइसेंस या खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का पंजीकृत प्रमाणपत्र हो। इसके बावजूद बिना किसी डर के मिठाइयों, नमकीन और भोजन पर फर्जी टैग व ब्रांडिंग लगाकर खुलेआम बिक्री की जा रही है।
त्योहारों तक सीमित ‘दिखावे’ का चेकिंग अभियान:
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि खाद्य विभाग की कार्यशैली महज खानापूरी तक सीमित रह गई है। रक्षाबंधन, दीपावली या होली जैसे बड़े त्योहारों के समय विभाग ‘दिखावे’ के लिए चेकिंग अभियान चलाता है और कुछ नमूने लेकर शांत बैठ जाता है। त्योहार बीतते ही इन अवैध संचालकों पर से विभागीय चाबुक हट जाता है, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।
अनैतिक गतिविधियों की भी बन रहे आड़:
कस्बे और चौराहों पर बिना पंजीकरण चल रहे ये छोटे-बड़े होटल अब अनैतिक कारोबार का भी केंद्र बनते जा रहे हैं। बिना पहचान पत्र के कमरे उपलब्ध कराना और गुप्त गतिविधियों को बढ़ावा देना सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील मामला बनता जा रहा है, विशेषकर भारत-नेपाल सीमा के पास होने के कारण।
स्थायी मुहिम चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग:
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों व ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महाराजगंज और खाद्य सुरक्षा अभिहीत अधिकारी से मांग की है कि केवल त्योहारों पर औपचारिकता निभाने के बजाय निचलौल क्षेत्र में एक विशेष व निरंतर ‘सघन जांच मुहिम’ चलाई जाए। बिना लाइसेंस चल रहे सभी होटलों को सील किया जाए और नकली टैग लगाकर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।