खेत गिरवी रखकर जुटाई थी रकम, एक माह में नौकरी पक्की कराने का दिया था भरोसा; विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप।
न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/महराजगंज
महराजगंज। बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से दो लाख रुपये की ठगी करने और फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र थमाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद कोठीभार थाने में मुख्य आरोपी मनकेश्वर सिंह निवासी लाल परसा, थाना सुगौली, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार) तथा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी आरोपी से मुलाकात
कोठीभार थाना क्षेत्र के चैनपुर निवासी सोनू खटिक (26) ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह महात्मा गांधी इंटरमीडिएट कॉलेज के मैदान में सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान अभ्यास करता था। इसी दौरान जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में उसकी मुलाकात मनकेश्वर सिंह से हुई। आरोप है कि मनकेश्वर ने खुद को सिधवलिया चीनी मिल में गन्ने के अवशेष से कागज बनाने का काम करने वाला बताया और बिहार पुलिस में अच्छी पहुंच होने का दावा किया।
दो लाख रुपये लेकर थमाया फर्जी प्रमाण पत्र
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी ने बिहार गृह रक्षा वाहिनी प्रशिक्षण केंद्र, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिलाने और बिहार पुलिस में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। उसकी बातों में आकर सोनू ने फरवरी 2026 में अलग-अलग किस्तों में कुल दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी ने आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लेकर जून 2026 में बुनियादी प्रशिक्षण का कथित फर्जी छायाप्रति प्रमाण पत्र थमा दिया। साथ ही एक महीने के भीतर नौकरी पक्की होने का आश्वासन दिया।
खेत गिरवी रखकर जुटाई थी रकम
आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने प्रमाण पत्र की जांच-पड़ताल की। इस दौरान उसे प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित होने की जानकारी मिली। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी ने चीनी मिल में काम करने की बात कहकर भरोसा जीता था और अन्य बेरोजगार युवकों से भी नौकरी के नाम पर लाखों रुपये वसूले हैं। ठगी की रकम जुटाने के लिए उसे अपना खेत तक बंधक रखना पड़ा।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई 2026 की सुबह सिधवलिया बाजार के पास रुपये वापस मांगने पर मनकेश्वर सिंह ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सोनू का कहना है कि उसने स्थानीय थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर अब कोठीभार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।