न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/महराजगंज
महराजगंज, 30 सितंबर। विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन एस. गोविंदराज की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराईं। मोबाइल कोर्ट के समक्ष 180 से अधिक आवेदनकर्ताओं ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं।
सुनवाई के दौरान दिव्यांगजनों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर विचार करते हुए समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान दो आवेदनकर्ताओं के आधार कार्ड तथा दो आवेदनकर्ताओं के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए। वहीं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराते हुए 10-10 लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, हियरिंग एड और स्मार्ट केन वितरित किए गए।
सप्ताह में एक बार हो मेडिकल बोर्ड की बैठक
मुख्य आयुक्त एवं राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की बैठक सप्ताह में कम से कम एक बार आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल बोर्ड में चिकित्सकों के पैनल को वर्तमान चार के स्थान पर सात चिकित्सकों का करने को कहा। तीन वर्ष की अवधि पूरी कर चुके चिकित्सकों को हटाकर आवश्यकता के अनुसार नए चिकित्सकों को पैनल में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र आवेदकों को स्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यूडीआईडी कार्ड से संबंधित लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए लंबित मामलों की संख्या शून्य करने के निर्देश दिए गए।
अंत्योदय कार्ड में दिव्यांगजनों को मिले प्राथमिकता
मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगजनों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अंत्योदय कार्ड जारी करने में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाए और पात्र लाभार्थियों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो।
मुख्य आयुक्त एवं राज्य आयुक्त ने मोबाइल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने तथा एक सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, तत्परता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
मोबाइल कोर्ट के अन्य सदस्यों में उपायुक्त दिव्यांगजन लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) विकास त्रिवेदी और उपसचिव दिव्यांगजन मेराजुद्दीन शामिल रहे। इससे पूर्व मोबाइल कोर्ट के सदस्यों का स्वागत परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी और पिछड़ावर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव ने किया।
सुनवाई के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी और अधिकारी मौजूद रहे।