Bureau Report /News 18 Plus /Mathura
महराजगंज (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में कार्यरत संविदा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों का समाधान नहीं होने पर संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के अधीक्षक को मांग-पत्र सौंपने के साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भी दिया गया है।
संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि अन्य राज्यों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों की तर्ज पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों को नियमितीकरण, समय-समय पर वेतन वृद्धि तथा सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है।
प्रमुख मांगें
1. न्यूनतम वेतन और वेतन वृद्धि: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए। साथ ही कार्यानुभव, योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन नीति लागू की जाए।
2. नियमितीकरण: लंबे समय से कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में शामिल करते हुए नियमित किया जाए। वर्ष 2011 के सुझावों तथा वर्ष 2018 के नियमों के अनुसार छह वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई है।
3. रिक्त पदों पर भर्ती और स्थानांतरण नीति: खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाए तथा कर्मचारियों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
4. सामाजिक सुरक्षा का लाभ: सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, उपदान और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
5. बाहरी एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों की सुरक्षा: बाहरी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही उनका समायोजन किया जाए अथवा प्रस्तावित बाहरी सेवा निगम के माध्यम से नियुक्ति दी जाए।
चरणबद्ध आंदोलन के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की थी। इसके तहत 29 और 30 सितंबर को ज्ञापन देने, एक अक्टूबर से डिजिटल माध्यम से विरोध दर्ज कराने तथा काली पट्टी बांधकर काम करने और पांच, छह व सात अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर से निर्धारित समय में आवश्यक शासनादेश जारी कर मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के स्वास्थ्य कर्मी आठ अक्टूबर 2026 से पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।