Bureau Report/ News 18 Plus /Maharajganj
सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की तलाशी और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, नकलविहीन परीक्षा कराने के दिए निर्देश।
महराजगंज। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल एवं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने फरेंदा कस्बे के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश, निगरानी तंत्र और परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी, प्रवेश प्रक्रिया तथा परीक्षा केंद्रों पर लगे निगरानी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच की गई। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और मुस्तैदी भी परखी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार एवं परिसर में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर ने महराजगंज स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर डिग्री कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जवाहरलाल नेहरू स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा जीएसवीएस इंटर कॉलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी कैमरों से निगरानी, अभ्यर्थियों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
वहीं क्षेत्राधिकारी निचलौल रविंद्र कुमार सिंह ने शिव जपत इंटर कॉलेज, भिटौली बाजार एवं एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज, घुघली स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की सक्रियता का जायजा लिया।
जनपद में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा आपसी समन्वय से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनी रहे और परीक्षा सकुशल संपन्न हो सके।