- न्यूज़18प्लस/ब्यूरो महराजगंज
थाने के गेट के सामने से आए कथित दावों का दावा, पुलिस की निगरानी के बारे में भी पूछा गया; पूर्व याचिका की जांच का क्या हुआ?
ठूठीबारी/महाराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले 274 बोतल भारतीय अंग्रेजी शराब की बड़ी मछली पकड़ी जाने के बाद पुलिस की समीक्षा पर पूछताछ हो गई है। गोदाम के गेट से यह दावा किया जा रहा है कि शराब के कथित दावों में वन्त यादव की भूमिका और प्लास्टिक की चर्चा है और दुकान के सामने से आगे बढ़े हुए बल की बात कही जा रही है। हालांकि इन समर्थकों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है बल औरवंत यादव का पक्ष सामने आ गया है।
थाने के सामने से इतनी बड़ी मोमबत्ती कैसे निकली?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और सिस्टम व्यवस्था प्रभावी है, तो 274 बोतल शराब की बड़ी खनिज पदार्थ क्षेत्र के महेशपुर तक आखिर कैसे पहुंची? संबंधित मार्ग और स्टेशन गेट के आस-पास के सुपरमार्केट की जांच कैसे की गई? अगर साज़िश की जांच हुई तो क्या सामने आया? इन सॉस का उत्तर जांच के बाद ही स्पष्ट हो जाएगा।
महराजगंज पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर सीमा क्षेत्र में बुलेट के जरिए निगरानी और देनदारी पर नजर बनाए रखने की बात कही जा रही है। ऐसे में शराब की इतनी बड़ी मछली पकड़ने की घटना में निरीक्षण व्यवस्था की छोटी मछली पर सवाल नीचे दिए गए हैं।
बलवंत यादव के पुराने प्रकरण की जांच भी आधार में?
बलवंत यादव को लेकर पूर्व में उठाए गए मामले में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन से बात की गई थी, जो क्षेत्र अभियोजक सिंह को लेकर पूछताछ में सामने आए थे। लेकिन अब तक उस जांच में क्या निष्कर्ष निकला और क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस संबंध में क्षेत्र के साझीदार सिंह का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही जांच की गई और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो गई।
डायल-112 के बाद उसी थाना क्षेत्र में लाॅन्ग सर्किट पर भी चर्चा की गई
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि बलवंत यादव करीब दो साल से डायल-112 में स्थिर निवास के बाद ठूठी बारी थाना क्षेत्र में लंबे समय से जमे हुए हैं। करीब चार साल के म्यूजिक को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि आर्किटेक्चर की अवधि और वर्तमान भूमिका से संबंधित आधिकारिक अभिलेखों की पुष्टि आवश्यक है।
अब एक्शन होगा या मामला फिर होगा विपक्ष में दबदबे?
274 बोतल शराब की बरामदगी, थाने के गेट के सामने से कथित रिकार्ड का दावा, पर्यवेक्षक के दावे और बलवंत यादव को लेकर पहले से उठे सवाल- इन सबने ठूठीबारी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है।
अब परस्पर विरोधी पुलिस कप्तान शक्ति मोहन समर्थकों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल सीधा है—क्या पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कर जिम्मेदारी तय होगी, या बलवंत यादव से जुड़े पुराने मामले की तरह यह मामला भी मंत्रिमंडल में कोल्ड बस्ट में खेला जाएगा?
हालांकि अंतिम निष्कर्ष, एसआईटीए और उपलब्ध नमूनों के आधार पर ही सामने आ रहे हैं।