न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/सिंदुरिया
जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सिंदुरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक कीपैड मोबाइल फोन और एक मास्टर चाबी बरामद की है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई हैं।
दुकान के पास से चोरी हुई थी बाइक
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को आशीष पुत्र दिनेश ने सूचना दी कि उनकी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या UP56AR4101 सिंदुरिया चौराहे पर एक दुकान के पास से चोरी हो गई है। शिकायत के आधार पर थाना सिंदुरिया में मुकदमा अपराध संख्या 204/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 8 अक्टूबर की रात तीरथ टोला पुलिया के पास अरनहवा टोला मार्ग से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से चोरी की गई हीरो स्प्लेंडर प्लस के अलावा एक अन्य बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल संख्या UP57AM6938, एक कीपैड मोबाइल फोन और एक मास्टर चाबी बरामद हुई। बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 3(5), 317(2) और 317(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार आरोपितों का विवरण
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनिल साहनी उर्फ कोइल (करीब 26 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय विजय साहनी, निवासी भरवलिया टोला छोटका, थाना ठूठीबारी तथा राजकुमार साहनी उर्फ टमाटर (करीब 22 वर्ष), पुत्र जयगोविंद, निवासी हरखोड़ा, थाना सिंदुरिया, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, अनिल साहनी के विरुद्ध पूर्व में चोरी, आयुध अधिनियम, आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी उपलब्ध अभिलेखों में है। वहीं, राजकुमार साहनी के विरुद्ध वर्तमान मामले में मुकदमा दर्ज है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष सिंदुरिया अनुप कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार, उपनिरीक्षक रामनुज सिंह यादव, मुख्य आरक्षी बृजेश यादव तथा आरक्षी धर्मवीर सिंह, अभिमन्यु खरवार, अमित कुमार, रवि सिंह और सौरभ दूबे शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।