ई-मेडिकेयर प्लस’ व्यावसायिक मॉडल ने प्रदेशभर में बटोरी सराहना, दो लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि से हुए सम्मानित; डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने स्मृति चिह्न भेंटकर बढ़ाया उत्साह।
न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/महराजगंज
महराजगंज। महामाया आईटीआई पॉलिटेक्निक, महराजगंज के विद्यार्थियों ने उद्यमिता के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल कर प्रदेश स्तर पर जनपद का नाम रोशन किया है। अविष्कार फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय उद्यमिता प्रतियोगिता में संस्थान की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच का लोहा मनवाया। इस उपलब्धि के लिए टीम को दो लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों की इस सफलता पर सोमवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कैंप कार्यालय में टीम के सदस्यों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से उनके ‘ई-मेडिकेयर प्लस’ व्यावसायिक मॉडल की विस्तृत जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मॉडल को धरातल पर उतारने में जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बताते चलें कि सितंबर 2026 में अविष्कार फाउंडेशन के तत्वावधान में संस्थान स्तर पर आयोजित उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम में महामाया आईटीआई पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों ने कई अभिनव व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए थे। इसके बाद 25 सितंबर को आयोजित जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में टीम के ‘ई-मेडिकेयर प्लस’ मॉडल का चयन प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया।
इस टीम में अनुज कुमार गुप्ता, आर्यन मद्धेशिया, नमन सिंह, नीरज कुमार एवं रिया गुप्ता शामिल रहे। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उपयोगी समाधान प्रस्तुत किया, जिसे प्रदेश स्तरीय मंच पर भी सराहना मिली।
लखनऊ स्थित होटल क्लार्क्स अवध में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम ‘अधिक उद्यमिता से सामाजिक समानता’ में प्रदेश के 25 जनपदों से चयनित टीमों ने प्रतिभाग किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच महामाया आईटीआई पॉलिटेक्निक की टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
इस सफलता में कंप्यूटर विज्ञान के प्रवक्ता मनीष कुमार वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश दिए। वहीं संस्थान की प्रशिक्षण एवं रोजगार नियोजन टीम ने कार्यक्रम के समन्वय, विद्यार्थियों की सहभागिता और व्यावसायिक मॉडल को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।