Bureau Report /News 18 Plus /Kushinagar
महराजगंज गोरखपुर–नरकटियागंज रेल मार्ग पर स्थित जीआरपी चौकी पडरौना एक बार फिर गंभीर आरोपों के भंवर में फंसती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने खाकी की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो में कथित तौर पर एक महिला वेंडर की तलाशी के दौरान उसके पास से शराब के पाउच बरामद होते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसके बाद जो आरोप सामने आए हैं, वे और भी चौंकाने वाले हैं।
सूत्रों का दावा है कि चौकी प्रभारी गोपाल यादव की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई हुई, लेकिन कानून लागू करने के बजाय कथित तौर पर “सेटिंग” कर दी गई। आरोप है कि लगभग 5000 रुपये की अवैध वसूली कर महिला को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। यदि यह सच है, तो यह कानून के रखवालों द्वारा ही कानून को बेचने जैसा गंभीर मामला बनता है।
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, जीआरपी चौकी पडरौना का नाम पहले भी अवैध वसूली, तस्करी और वेंडरों से सांठगांठ जैसे मामलों में उछलता रहा है। कहा जाता है कि कुछ सिपाहियों के संरक्षण में अवैध कारोबार बेखौफ जारी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी हर बार चुप्पी ओढ़ लेते हैं।
वायरल वीडियो ने न सिर्फ पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी पूछ रहा है—क्या खाकी अब कानून का प्रतीक है या सौदेबाजी का जरिया? अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस सनसनीखेज मामले पर क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।