*निचलौल रजिस्ट्री कार्यालय का वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय, एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता बोले— “वीडियो दो-ढाई माह पुराना, अभिलेख सुरक्षित, जांच जारी”*

Bureau Report /Rajiv Tripathi /Nichlaul News 18 Plus/ Co-Editor 

 

महराजगंज। निचलौल स्थित उप निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में कार्यालय परिसर के शौचालय के भीतर जमीन से जुड़े कथित दस्तावेज पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिससे रिकॉर्ड के रखरखाव और संरक्षण को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

 

वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि शौचालय में पड़े कागजात भूमि की रजिस्ट्री और बैनामे से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहे दस्तावेज वास्तव में सरकारी अभिलेख हैं या नहीं और वे वहां कैसे पहुंचे, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

कानूनी जानकारों के अनुसार भूमि से जुड़े बैनामे, रजिस्ट्री और अन्य अभिलेख भविष्य में स्वामित्व, नामांतरण, बैंक ऋण, न्यायालयी विवाद तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण साक्ष्य होते हैं। ऐसे दस्तावेजों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही आम नागरिकों के हितों को प्रभावित कर सकती है।

 

स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि जांच में वायरल वीडियो सही पाया जाता है तो यह सरकारी रिकॉर्ड के रखरखाव में गंभीर चूक मानी जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मामले पर निचलौल के उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो लगभग दो से ढाई माह पुराना है। संबंधित अभिलेखों को तत्काल वहां से हटाकर सुरक्षित कर दिया गया था। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है त नियमानुसार संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

 

फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई बातें प्रमाणित होती हैं तो यह सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। वहीं, यदि जांच में वीडियो भ्रामक या संदर्भ से हटकर पाया जाता है तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी। ऐसे में अब पूरे मामले पर प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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