न्यूज़ 18प्लस संवाददाता: दिलीप कुमार पाण्डेय
स्थान: ठूठीबारी / निचलौल, महराजगंज
महराजगंज जनपद के ठूठीबारी थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़ौरा (जमुई) चीनी मिल में गुरुवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। चीनी मिल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक युवक ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। इलाज के लिए रेफर किए जाने के दौरान युवक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मिली जानकारी के अनुसार निचलौल कस्बे के महाशय मोहल्ला वार्ड नंबर-3 निवासी आकाश चौरसिया पुत्र टुनटुन चौरसिया गड़ौरा चीनी मिल के गोदाम नंबर-3 पर ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहा था। दोपहर लगभग 3 बजकर 40 मिनट पर गोदाम में छत पर शीट डालने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से आकाश ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मजदूरों में चीख-पुकार शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्य स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। न तो मजदूरों के लिए सुरक्षा बेल्ट की व्यवस्था थी और न ही किसी प्रकार के सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा मजदूरों की जान को जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा था।
घटना के बाद घायल आकाश को आनन-फानन में निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल महराजगंज रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया, लेकिन रास्ते में भिटौली के पास उसकी सांसें थम गईं।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और मजदूरों में घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो शायद एक गरीब मजदूर की जान बच सकती थी।
हादसे की सूचना मिलते ही ठूठीबारी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सड़क पर लगे जाम को हटवाकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम कराई। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं लोगों की मांग है कि दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि आखिर कब तक मजदूरों की जिंदगी ठेकेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? प्रशासनिक नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां उड़ाने वालों पर आखिर कब कार्रवाई होगी?