न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो: धीरज मद्धेशिया कटहरी
महराजगंज/सिसवा बाजार।
जनपद के सिसवा क्षेत्र अंतर्गत भारत खण्ड पकड़ी गांव में शुक्रवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलिम अली की माता हसमाती अली पत्नी शांमुहम्मद की आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि लोगों में प्रशासन और जिम्मेदार विभागों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, रोज की तरह हसमाती अली सुबह करीब पांच बजे टहलने के लिए प्राथमिक विद्यालय की ओर गई थीं। तभी अचानक 10 से 12 आवारा कुत्तों का झुंड उन पर टूट पड़ा। कुत्तों ने बुजुर्ग महिला को बुरी तरह नोच डाला। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले जमुई पंडित क्षेत्र में बंदरों के आतंक ने दर्जनों लोगों को घायल कर दिया था और अब आवारा कुत्तों के हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा जानवरों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। लोगों ने तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित करने की मांग की है।
घटना को लेकर खबर लिखे जाने तक वन विभाग अथवा संबंधित विभाग के किसी अधिकारी का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। प्रशासनिक चुप्पी ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।