*भीषण गर्मी में ‘बिजली संकट’ से उबल रहा निचलौल: अघोषित कटौती, अवैध कनेक्शन और विभागीय लापरवाही पर फूटा जनता का गुस्सा।*

News 18 Plus/ Bureau: Bhedia/ Nichlaul,

महराजगंज जनपद के निचलौल क्षेत्र अंतर्गत भेड़िया हाइडिल इलाके में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। गांवों में लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, वहीं छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ प्रदेश सरकार गांवों में 18 घंटे और शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भेड़िया हाइडिल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह बदहाल बनी हुई है। बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तैनात जेई पर विभागीय कार्यों में लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई घरों में मीटर लगने के बावजूद बिल नहीं निकल रहा, जबकि कथित रूप से उपभोक्ताओं से वसूली की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कुछ लोगों को “वीआईपी कनेक्शन” की सुविधा दी गई है, जहां नियमों को दरकिनार कर अलग व्यवस्था चलाई जा रही है।

 

क्षेत्रीय नागरिक शत्रुघ्न सिन्हा सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध बिजली कनेक्शन संचालित हो रहे हैं। आटा चक्की, ईंट भट्ठों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कथित रूप से अवैध लाइनें चल रही हैं, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि जब भी शिकायत की जाती है तो विभागीय अधिकारी कार्रवाई के बजाय मामले को टालने में जुट जाते हैं। लोगों का आरोप है कि अधीक्षण अभियंता स्तर तक शिकायत पहुंचने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा।

 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार बिजली आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश दे चुके हैं, तब भी जमीनी स्तर पर जनता को राहत क्यों नहीं मिल पा रही? ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा और स्थानीय विद्युत विभाग की कार्यशैली में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

 

भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन नारकीय बना दिया है। गांवों में पंखे और कूलर बंद पड़े हैं, पेयजल संकट गहराने लगा है और रातभर अंधेरे में लोग मच्छरों के बीच समय काटने को मजबूर हैं। व्यापारियों, छात्रों और किसानों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि भेड़िया हाइडिल क्षेत्र में अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, अवैध कनेक्शनों की जांच कर कार्रवाई हो तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।

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