*जिला स्तरीय साख समिति की बैठक सम्पन्न, वित्तीय समावेशन और ऋण वितरण की हुई समीक्षा।*

Bureau Report /Narsingh Upadhyay Maharajganj /News 18 Plus /Sub Editor 

 

सीडी रेशियो 69.58 प्रतिशत पहुंचने पर डीएम ने बैंकर्स की सराहना की!

महराजगंज, 29 मई 2026 जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय साख समिति (डीसीसी) की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना तथा स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) मार्च 2026 में बढ़कर 69.58 प्रतिशत हो गया है, जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित 60 प्रतिशत के मानक से अधिक है। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने बैंकर्स एवं संबंधित विभागों की सराहना की।

 

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद द्वारा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किए जाने का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने चालू वित्तीय वर्ष में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण एवं समयबद्ध ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित प्रकरणों पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित बैंक शाखाओं को लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण एवं स्वीकृत ऋणों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी जून माह में आयोजित होने वाले स्वनिधि महोत्सव एवं विशेष अभियान में बैंकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की समीक्षा के दौरान पात्र लाभार्थियों के लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए शीघ्र ऋण स्वीकृति एवं वितरण के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूहों के खाते खोलने तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

 

बैठक में नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2027-28 की संभाव्यता युक्त ऋण योजना तैयार किए जाने हेतु संबंधित विभागों एवं बैंकों से आवश्यक आंकड़े एवं सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इसके अतिरिक्त यूपी ग्रामीण बैंक की करमही शाखा के स्थानांतरण संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।

 

अंत में जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए।

 

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक भूपेंद्र मिश्रा, भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक सुधीर पाण्डेय, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक दीपा पंत, उपायुक्त उद्योग धीरज सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित रहे।

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