Bureau Report/ Dilip Kumar/ Pandey /Nichlaul Correspondent /News 18 Plus
दुकान में मारपीट व लूट के मामले में पीड़ित ने लगाया कार्रवाई न करने और दबाव बनाने का आरोप, जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें।
निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम आर्दौना में हुए मारपीट और लूटकांड ने अब तूल पकड़ लिया है। मामला इतना गंभीर हो गया है कि जांच क्षेत्राधिकारी निचलौल को सौंप दी गई है, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित विशाल गौड़ के अनुसार, 19 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे गांव के ही दबंगों ने पुरानी रंजिश में उनकी दुकान पर धावा बोल दिया। लोहे की रॉड से लैस हमलावरों ने बेरहमी से पिटाई की और काउंटर में रखे 35,000 रुपये लूटकर फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित को खुलेआम धमकी दी गई कि पुलिस में शिकायत करने पर जान से मार दिया जाएगा। लेकिन जब पीड़ित थाना पहुंचा तो हालात और चौंकाने वाले हो गए।
थाने में ही ‘धमकी’?
पीड़ित का आरोप है कि थाना प्रभारी अंकित सिंह ने कार्रवाई करने के बजाय उसे ही तहरीर बदलने का दबाव बनाया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह आरोप सामने आते ही मामला और गरमा गया है।
बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष पहले भी कई विवादों में घिरे रह चुके हैं—वायरल वीडियो, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।
अब सीओ की जांच पर टिकी नजर!
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्षेत्राधिकारी निचलौल को सौंप दी गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक क्षेत्राधिकारी से संपर्क नहीं हो सका है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच निष्पक्ष होगी या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
एसपी पर बढ़ा दबाव!
पूरे मामले में अब जिले के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी पर भी नजरें टिक गई हैं। क्या वे सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दब जाएगा? आपको बताते चले कि कांस्टेबल अशोक यादव और अभिषेक पासवान थाना प्रभारी के आदेश पर इन्होने मामला को मैनेज कर लिया तथा पीड़िता कथित धमकी देकर एप्लीकेशन चेंज करवाने चक्कर थाने से उसे किसी प्रकार कोई न्याय नहीं मिला थाना प्रभारी अंकित सिंह ने 151 चालान कर मामले को रफा-दफा कर दिया।
सवाल बरकरार:
क्या निचलौल में न्याय मिलेगा या सिस्टम यूं ही सवालों के घेरे में रहेगा?