*मदनपुर गौशाला में गौमाताओं की लगातार मौतों पर आंदोलन, पूर्व ‘गालीबाज दरोगा’ अंकित सिंह पर फिर उठे सवाल।*

Bureau/ Report Dilip Kumar Pandey Nichlaul /Correspondent /News 18 Plus 

 

गौशाला में गौमाताओं की मौत पर फूटा आक्रोश, आंदोलनकारी बजरंग दल कार्यकर्ता को पुलिस ने घसीटकर हटाया!

 

महराजगंज जिले के मदनपुर गौशाला में हो रही गौमाताओं की कथित बेवजह मौतों को लेकर बजरंग दल के एक युवक ने विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया। आंदोलन के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा युवक को घसीटकर बाहर निकालने का वीडियो और घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

आरोप है कि गौमाताओं की मृत्यु के विरोध में आंदोलन कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता को पुलिस कर्मियों ने जबरन पकड़कर मदनपुर गौशाला परिसर से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक गौमाताओं की मौत के मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहा था।

 

इस मामले में पूर्व सोनौली थाना प्रभारी रहे अंकित सिंह का नाम भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोनौली थाने में तैनाती के दौरान भी अंकित सिंह का कार्यशैली को लेकर कई बार विवाद सामने आए थे। आरोप लगाया जाता रहा है कि फरियाद लेकर आने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बजाय उन्हें डांट-फटकार और अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता था।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में थाना सोनौली में दो पक्षों के पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि बिना पूरे मामले को समझे दोनों पक्षों के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें हवालात भेजते हुए न्यायालय नौतनवा रवाना कर दिया गया था। इसी तरह के पुराने आरोपों को लेकर एक बार फिर अंकित सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

 

मदनपुर गौशाला में हुए आंदोलन के दौरान भी आरोप लगाया गया कि बजरंग दल के युवक को पुलिस कर्मियों ने पकड़कर घसीटा और जबरन वहां से हटाया। आंदोलनकारी युवक भगवा गमछा धारण किए हुए था, जिसे लेकर समर्थकों में और अधिक नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि युवक गौमाताओं की मौत के खिलाफ आवाज उठा रहा था, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाय उसे बलपूर्वक हटाया गया।

 

घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग गौशाला में हो रही गौमाताओं की मौतों की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं।

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