News 18 Plus/ Bureau: Maharajganj
महराजगंज, 20 जुलाई। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को श्रम विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 31 अगस्त 2026 तक व्यापक अभियान चलाकर जनपद के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स में नामित निरीक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया कि ढाबों, ईंट-भट्ठों, रेस्टोरेंट, होटलों, कार्यशालाओं, दुकानों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कोई बालक या बालिका अवैध रूप से बाल श्रमिक के रूप में कार्यरत न हो। उन्होंने कहा कि अभियान पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई बाल श्रमिक मिलता है तो उसे तत्काल मुक्त कराकर उसके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाया जाए। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया कि मुक्त कराए गए बच्चों का पुनः विद्यालयों में नामांकन कराकर उनकी नियमित शिक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पूर्व में चलाए गए बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत हुई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को लंबित आरसी की समीक्षा कर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अपराध है और किसी भी स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाल श्रमिकों को नियोजित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी गणेश कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।